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हाथरस में मौत का तांडव… बाबा के पैरों की धूल के चक्कर में मिट्टी में मिल गए 107 लोग | Hathras stampede devotees want to touch feet dust of Bhole Baba make rush stwn

हाथरस में मौत का तांडव... बाबा के पैरों की धूल के चक्कर में मिट्टी में मिल गए 107 लोग

हाथरस में हादसे के बाद ट्रॉमा सेंटर के बाहर जुटी भीड़

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में एक सत्संग कार्यक्रम के दौरान भगदड़ में 107 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. यह सत्संग जिले के सिकंदरा राऊ तहसील के फुलरई गांव में आयोजित किया गया था. मौके पर यूपी सरकार के दो मंत्री और सभी प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने इस हादसे की बड़ी वजह बताई है. उनका कहना है कि सत्संग खत्म होने के बाद जैसे ही स्वयंभू संत भोले बाबा का काफिला गुजरा लोगों ने उनके चरणों की धूल को माथे पर लगाने की कोशिश की. इसी वजह से भगदड़ मच गई और दर्जनों लोग भीड़ से कुचले गए.

फुलवाई गांव में हाईवे से सटी जगह पर स्वयंभू संत भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि का सत्संग मंगलवार को आयोजित किया गया था. इस सत्संग के दौरान हजारों लोग पहुंचे थे. सत्संग दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ था और दोपहर 2 बजे खत्म हुआ था. सत्संग करने के बाद भोले बाबा वापस जाने लगे. उनके पीछे उनके हजारों श्रद्धालु पहुंचे और उनके चरणों की धूल को माथे पर लगाने की कोशिश की. इस तरह की प्रथाएं दूसरे संतों के साथ भी देखी गई हैं.

हजारों की संख्या में लोग भोले बाबा के काफिले के पीछे दौड़े और चरणों की धूल को माथे पर लगाने की कोशिश की गई. भीषण गर्मी और उमस की वजह से लोगों की हालत वैसे ही खराब हो रही थी. इस बीच भीड़ में दबकर कई महिलाएं और बच्चे जमीन पर गिर पड़े. जमीन पर गिरने की वजह से भीड़ ने उन्हें कुचल दिया. जिसकी वजह से कई लोगों की दम घुटने और कुचले जाने से मौत हो गई.

भगदड़ के बाद कई लोगों को बेहोशी की हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अन्य हॉस्पिटल्स तक पहुंचाया गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जहां पर भगदड़ मची वहीं पर करीब 20-25 लोगों की मौत हो गई थी. बाकी लोगों को गंभीर हालत में अलग-अलग वाहनों से हॉस्पिटल पहुंचाया गया है. कई लोगों को यहां से एटा के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. जिनमें से 27 लोगों के शव की पुष्टि की गई है. वहीं कई लोगों को सिकंदरा राऊ के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया है. यहां भी कई लोगों की मौत की खबर है. हालांकि अभी भी मरने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो सकता है.

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