Donald Trump Tariff Announcement Live: कुछ देर में टैरिफ लागू करेंगे डोनाल्ड ट्रंप, भारत समेत कई देशों को दे सकते हैं झटका

<p style="text-align: justify;"><strong>Donald Trump Tariff Announcement Live:</strong> अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रिसिप्रोकल टैरिफ (आपसी शुल्क) की घोषणा कुछ देर में करने वाले हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, लेविट ने मंगलवार, 1 अप्रैल को पत्रकारों से कहा, ‘मेरी जानकारी के अनुसार, टैरिफ की घोषणा कल होगी. ये तुरंत लागू हो जाएंगे. राष्ट्रपति ट्रंप काफी समय से इसके संकेत दे रहे थे.'</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>2 अप्रैल से सभी देशों पर लागू होगा रिसिप्रोकल टैरिफ</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल से रिसिप्रोकल टैरिफ (पारस्परिक शुल्क) पॉलिसी लागू करने का फैसला किया है. ट्रंप इस दिन को ‘मुक्ति दिवस’ (Liberation Day) कह रहे हैं. उन्होंने हाल ही में कहा कि यह टैरिफ बिना किसी अपवाद के सभी देशों पर लागू होगा. ट्रंप की यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत और अमेरिका व्यापार करार को लेकर शुल्क में रियायत पर बातचीत कर रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अमेरिका को नुकसान रोकना चाहते हैं ट्रंप</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ट्रंप का मानना है कि समान शुल्क न होने की वजह से अमेरिका को भारी व्यापार घाटा हुआ है. उनका कहना है कि यह नया टैरिफ अमेरिकी अर्थव्यवस्था को अनुचित वैश्विक प्रतिस्पर्धा से बचाएगा और अमेरिका को फिर से मजबूत बनाने की उनकी योजना का हिस्सा है. अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका यह शुल्क कैसे लागू करेगा और इसकी गणना किस आधार पर होगी. यही वजह है कि दूसरे देशों के लिए इस नए टैरिफ से निपटने की रणनीति बनाना मुश्किल हो रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अमेरिका को मैन्युफैक्चरिंग सुपरपावर बनाने की तैयारी</strong></p>
<p style="text-align: justify;">व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट से जब पूछा गया कि क्या नया टैरिफ अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है, तो उन्होंने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं होगा. यह योजना कारगर होगी. राष्ट्रपति ट्रंप के पास एक शानदार सलाहकार टीम है, जो इस विषय पर दशकों से काम कर रही है." लेविट के मुताबिक, अमेरिका को फिर से एक मैन्युफैक्चरिंग महाशक्ति (Manufacturing Superpower) बनाने और देश के स्वर्ण युग को वापस लाने पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है.</p>